इस समय पुरे विश्व में कोरोना के कारण हाहाकार मचा हुआ है . भारत भी इस से अछूता नहीं है . चीन से शुरू हुयी ये महामारी इस समय पूरी दुनिया में फैल चुकी है . शुरू में भारत में इस पर बहुत नियंत्रण रहा . ६५ दिन लॉक डाउन रहने से बीमारी बहुत कम फैली . लेकिन जैसे ही लॉक डाउन ख़त्म हुआ लोग मधुमक्खीयों के छत्ते से उड़ी मधुमक्खीयों की तरह घर से बाहर निकल पड़े . जिस की वजह से महामारी को फैलने का मौक़ा मिल गया और ये दुगनी गति से बढ़ चली . एक दिन में 10000 से ज्यादा केसेस आने लगे है .
इस समय मनुष्य के सामने जिन्दगी बचाने और जिन्दगी को चलाने की समस्या है . सरकार ने लॉक डाउन में छुट देकर सब को काम करने की छूट दे दी . लोगों ने दुकान पर जाना शुरू किया और साथ ही बीमार भी पड़ने लगे . जहाँ शुरू में लोग सरकार को बदनाम करने पर तुले थे वे अब स्वयं अपनी दुकाने बंद करके घर पर बैठ रहे है . दिल्ली में कई मार्केट्स में इस बीमारी की वजह से मौत भी हुयी है . एक अनजाना भय सब में व्याप्त है . अभी तक इसका कोई इलाज भी नहीं आया है .
भारत में अनलॉक डाउन 1 शुरू हुआ . ११ दिन हो गए गए . ११ दिन में रोजाना १०००० के करीब नए केस आ रहे है . भारत के लोगों को कोरोना का कोई ख़तरा नहीं लगता . सभी बेखोफ़ होकर बाहर घूम रहे है . मस्ती से गोलगप्पे , चाउमीन खा रहे है .
लोग ये क्यों नहीं समझ रहे है की सरकार ने ढील दी है , कोरोना ने नहीं .