जिन्दगी के बाज़ार में
हर कोई मसरूफ है।
यहाँ तमाशाई है हर कोई
ये तन्हाई क्या ख़ूब है।
जिन्दगी से भर गया मन
चलने की तैयारी है,
गमों के समंदर में यारों
मौत सब से प्यारी है।
"आत्महत्या किसी चीज़ का इलाज़ नहीं।"
"दुःख है तुम्हारी मौत का सुशान्त, पर आत्महत्या....अफ़सोस कायराना हरक़त है, कोई इसे न अपनाएं।"
अम्बर हरियाणवी

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