पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा मासूम हिन्दू लोगों का किया गया नरसंहार एक बार फ़िर से भारत और पाकिस्तान को आमने सामने ले आया है जिसकी वजह से भारत को एक बार फ़िर से पाकिस्तान को सबक सिखाना जरुरी हो गया था .
पूरा भारत यही चाह रहा था की कोई सख्त कार्यवाही पाकिस्तान पर होनी चाहिए .
ओपरेशन सिन्दूर !
जैसे ही लोग सुबह उठे सभी तरफ एक ही चर्चा थी . रात में भारत में POK और पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर हमले करके उन्हें बर्बाद कर दिया .
एक बार फ़िर से भारत ने दिखा दिया है कि भारत का जो कोई भी नुकसान करेगा, उस सबक जरुर सिखाया जायेगा .
अबकी बार पाकिस्तान ने भी कहा है की भारत ने उसके 9 जगह पर हमला किया है .
भारत की जंग दो मोर्चों पर है - एक सीमा पर और एक देश के अंदर.
पुरे देश में हजारों पाकिस्तानी और बंगलादेशी घुसपेठिये भर गए गए है . इसकी एक वजह है भ्रष्टाचार. बहुत से लोग पैसे लेकर फर्जी आधार कार्ड और पेन कार्ड बनवा देते है और भारत में घुसाने में उन्हें मदद करते है . शायद आप लोगो को याद हो एक बार जे एन यू में नारे लगे थे - तुम जितने अफजल मारोगे, हर घर से अफजल निकलेगा, वो सही कह रहे थे . अगर ये पहलगाम वाला आतंकी हमला न होता और मोदी जी सभी पाकिस्तानियों को भारत छोड़ने को न कहते तो हमें ये पता ही नहीं चलता की भारत की मुस्लिम लड़कियों ने शादी पाकिस्तान में की हुई है और बच्चे यहाँ पैदा करके उन्हें यहाँ मुफ्त में पाल रही है . सरकार से सभी योजनाओ का लाभ भी उठा रही है .
अब भारत के पास मौका है की POK को पाकिस्तान से छुड़वाए और अपने सिर के ताज काश्मीर को पूर्णतय से अपने में मिलाये.
भारत को चीन की तरह से विस्तारवादी नीत्ति अपनानी होगी. बांग्लादेश और पाकिस्तान भारत का ही हिस्सा थे, अब भारत को उन्हें अपने में ही मिलाने की सोचनी चाहिए . पहले भारत एक बहुत बड़ा देश था , लेकिन धीरे धीरे टुकड़ों में बटता चला गया, अब भारत के पास एक अच्छा शासक है, हमें उनका साथ देते हुए, भारत को एक हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग करनी चाहिए और धर्मनिरपेक्ष शब्द जो १९७६ में सविंधान में जोड़ा गया था उसे हटा देना चाहिए.