Translate

Tuesday, November 8, 2022

जिन्दगी

 सिर्फ़ शब्दों से नहीं, कुछ आचरण भी बदलो,

जिन्दगी एक शीशा है, आर - पार दिखता है।

#amberhariyanvi
#kiloia
©KILOIA

आह्वान!

नफ़रत
कितनी भरी है
दुश्मनों के सीने में !
करते हैं 
खुले आम कत्ल
चलाते है गोलियाँ,
करते है छलनी
हिन्दुओं की छातियाँ।
देखती रह जाती है पुलिस-
खुले आम
कातिल मनाते हैं खुशियाँ..
क्या यही है मेरा देश ?
क्या मर गई है हिम्मत ?
क्या मर चुके है हम ?
हो जाएँगे खतम-
इस तरह एक दिन?
जागो, जागो, जागो !
तुम भी भर दो
दुश्मन की छातियों में 
बंदूक का लोहा।
बरसा दो अपने 
जुनून का कहर।
जब तक नहीं लड़ेंगे हम,
नहीं जी पाएँगे
अपने ही देश में।
जागो, जागो, जागो !
दुश्मनों का करने को मुँह बंद,
पोतने को उनके चेहरे पर कालिख,
जागो, जागो, जागो !
कब तक तुम सोओगे ?
कब तक पड़े रहोगे
आँखों को मीचे !
अब तो हथियार होगा उठाना,
जंग का बिगुल होगा बजाना,
कब तक सहोगे तुम कायर बन ?
जागो, जागो, जागो !
हिन्दुओं तुम जागो।


#amberhariyanvi

©Kiloia

Monday, June 6, 2022

आज तलक जिंदा वो मुझ में।

 



 एक शख्स 

जिसने बचपन मे

थाम अपनी उंगली,

चलना सिखाया मुझे,

अपने गोदी में खिला,

हँसना सिखाया मुझे,

एक एक अक्षर लिख,

लिखना पढ़ना सिखाया मुझे,

आज तलक जिंदा वो मुझ में,

पिता जिसे में कहता था,

हर पल हर सांस में,

साथ मेरे वो रहता था,

अचानक से आई काल रात्रि,

छीन लिया सिर से साया

आज तलक जिंदा वो मुझ में,

भले खत्म हो गयी उसकी काया।


मुकेश गोयल 'किलोईया'

©Kiloia



Thursday, November 26, 2020

मूर्तिकार !



 कॉपीराइट : किलोईया 

Tuesday, November 10, 2020


                                                               साहित्य राज द्वारा सम्मान .

Tuesday, November 3, 2020



०१ नवम्बर २०२० हरियाणा दिवस पर "साहित्य राज मंच" ने ऑनलाइन लिखित काव्य गोष्ठी का आयोजन किया . मंच के ४५ काव्य मनीषियों ने इस में भाग लिया . बहुत ही उत्कृष्ट रचनायें पढ़ने को मिली .