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Tuesday, November 10, 2020
Tuesday, November 3, 2020
Monday, October 5, 2020
लाशों पर राजनीति !!!!
क्यों नहीं हिचकते लोग
अपनी रोटियाँ सेकने से
किसी भी जलती चिता पर !
आ जाते हैं निकल-निकल कर
भूखें नंगों की तरह
राजनीति खेलने को...
सब की भावनाओं का मज़ाक उड़ाते
बेशर्म और बेग़ैरत बन
जिन्हें सिर्फ़ पसन्द हैं
दूसरों के आँसू
मौत पर मनाते जश्न
उजाले के चेहरे अलग हैं
रात की कालिमा से !
जो आ जाते हैं निकल कर बाहर
करते हैं इंतज़ार
कोई बलात्कार होने का
किसी को जलाए जाने का !
दलित हो तो बात ही क्या
ये तो राजनीति के पत्तों का नरपति
हर राजनेता बन जाता है हमदर्द
मगरमच्छ के आँसू
जनता की सहानुभूति
एक नया वोट बैंक
पा सके खोई इज्ज़त
पा सके खोई कुर्सी
उन्हें तो राजनीति करनी है
लाशों की राजनीति !!!
अम्बर हरियाणवी
©KILOIA
JKSF/0004/2018
02102020/20:48:00
#kiloia
#amberhariyanvi
#mukeshgoelkiloia
©KILOIA
JKSF/0004/2018
02102020/20:48:00
#kiloia
#amberhariyanvi
#mukeshgoelkiloia
औरत !!!
औरत ही तो माँ बेटी और बहन होती है
औरत ही तो इंसान का जहन होती है।औरत से ही तो है वजूद इंसान का
औरत से ही तो है सबूत भगवान का।
औरत ही अच्छाई और बुराई है
औरत ही पहले धरा पर आई है।
औरत से ही शुरुआत है परिवार की।
औरत से ही बनी दुनिया घर संसार की।
औरत का ही हुआ है आज बुरा हाल।
औरत को होगा मर्द पैदा करने का मलाल।
औरत पर आज पुरुष ने आँख गड़ाई है।
छोटी बच्चियो की इज्जत पर भी आंच आई है।
क्यो मर्द बन गया है हैवान?
क्यो आज वो बन गया है शैतान?
नही है जरा भी दया धर्म बाकी
औरतों को बनाता है वो साकी
लुटता है इज्जत डरता नही है
उसकी हैवानियत का पेट भरता नही है।
कब आयेगी अक्ल इंसान को,
कब मारेगा अंदर के हैवान को,
क्यों हो गया हैं वो बहशी दरिंदा
क्यों नहीं होता अपने कर्म पर शर्मिंदा
क्यों नहीं हम कुछ कर पाते है
क्यों नहीं शैतानों को फांसी पर लटकाते है।
जागो अब तो उठा लो हाथों में हथियार,
काट दो उन्हें जो मासूमों से करे बलात्कार।
अम्बर हरियाणवी
©KILOIA
#kiloia
#amberhariyanvi
#mukeshgoelkiloia
Thursday, August 13, 2020
Saturday, July 18, 2020
कौन है वो?
मैं लिखूँ कुछ भी
सवाल हजारों होते हैं
सबकी नज़रों में
न जाने क्यों?
अगर लिखूँ मोहब्बत पर
तो सबकी आँखे पूछती हैं
कौन है वो?
अगर लिखूँ नफ़रत पर
तो फ़िर एक ही सवाल।
कौन है वो?
एक बार लिख दिया यूँ ही
तुम बेवफ़ा न होतीं !
रात भर सब ने पूछ डाला
कौन है वो?
ऐसे ही सवालों ज़वाबों में
मैं भी अक़्सर रहता हूँ ढूंढ़ता
कि
आख़िर
कौन है वो?
*अम्बर हरियाणवी*
*©️KILOIA*
सवाल हजारों होते हैं
सबकी नज़रों में
न जाने क्यों?
अगर लिखूँ मोहब्बत पर
तो सबकी आँखे पूछती हैं
कौन है वो?
अगर लिखूँ नफ़रत पर
तो फ़िर एक ही सवाल।
कौन है वो?
एक बार लिख दिया यूँ ही
तुम बेवफ़ा न होतीं !
रात भर सब ने पूछ डाला
कौन है वो?
ऐसे ही सवालों ज़वाबों में
मैं भी अक़्सर रहता हूँ ढूंढ़ता
कि
आख़िर
कौन है वो?
*अम्बर हरियाणवी*
*©️KILOIA*
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