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Saturday, May 30, 2020

आहवान !

चाहने से कुछ बदल सकता है जग में,
उसके लिए तो अपना खून बहाना होगा।

दिलों में जला कर आशा की मशाल,
क्रांति का आह्वान सब में लाना होगा।

हर कोई हो उम्मीद में बदलेगा कोई,
किसी एक को तो सामने आना होगा।

कहना आसान है बहुत हर किसी के लिए,
कुछ कर के पहले ख़ुद को दिखाना होगा।

भाषणबाजी के समुंदर में बहुत है मगर,
विश्वास से इस दुनिया को जिताना होगा।

हर कोई है मगन, किसे परवाह किसी की,
'अम्बर' हर एक को झकझोड़ कर जगाना होगा।

अम्बर हरियाणवी
©KILOIA
17092019
JKSF 0004/2018

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